The Prospective Bride

मानती हो बात सारी,

कमर उसकी पतली हो!

बोले ज़्यादा नहीं,

पर होंठ कमल की पंखुड़ी हों!

धनुषबाड़ जैसी भौंहों तले मृगनयनी सी दो आँख हो,

ना सपने हों ना आशाएं जिनमे,

हो तो बस खौफ हो और लाज हो!

बाल हों रेशम से चोटी सांप सी बलखाती हो,

देखो, ज़हर न उगले कभी,

बस शहद ही वो टपकाती हो !

नाक तर्राषि  हुई,

एकदम आर्ट का ही पीस हो,

नाक पर गुस्सा आये कभी न,

शालीन हो न ढीठ हो!

देखना कोई मिले

गौरी कन्या ऐसी पढ़ी -लिखी,

काम कर लेती हो सारा

पर निरि अज्ञान हो!

दुनियादारी आती हो जिसको,

पर सही -गलत की न पहचान हो,

छोटे -बड़े का लिहाज़,

सबकी ज़रूरतों का उसको ध्यान हो!

खुदको देखे ना कभी,

चेहरे पे रहती सदा मुस्कान हो,

हो कोई नज़र में ऐसी तो ज़रा बतलाना,

बेटा मेरा है लाला,

कद पांच फुट,

वज़न निन्यानवे किलो,

बारहवीं पास,

और रंग कला!

मानती हो बात सारी,

कमर उसकी पतली हो!

बोले ज़्यादा नहीं,

पर होंठ कमल की पंखुड़ी हों!

धनुषबाड़ जैसी भौंहों तले मृगनयनी सी दो आँख हो,

ना सपने हों ना आशाएं जिनमे,

हो तो बस खौफ हो और लाज हो!

बाल हों रेशम से चोटी सांप सी बलखाती हो,

देखो, ज़हर न उगले कभी,

बस शहद ही वो टपकाती हो !

नाक तर्राषि  हुई,

एकदम आर्ट का ही पीस हो,

नाक पर गुस्सा आये कभी न,

शालीन हो न ढीठ हो!

देखना कोई मिले

गौरी कन्या ऐसी पढ़ी -लिखी,

काम कर लेती हो सारा

पर निरि अज्ञान हो!

दुनियादारी आती हो जिसको,

पर सही -गलत की न पहचान हो,

छोटे -बड़े का लिहाज़,

सबकी ज़रूरतों का उसको ध्यान हो!

खुदको देखे ना कभी,

चेहरे पे रहती सदा मुस्कान हो,

हो कोई नज़र में ऐसी तो ज़रा बतलाना,

बेटा मेरा है लाला,

कद पांच फुट,

वज़न निन्यानवे किलो,

बारहवीं पास,

और रंग कला!

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