college का ज़माना

college का ज़माना

वो साथ में हँसना वो साथ में गाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना

वो धर्मे के जोक्स,मुकेश,जगदीप के गीत

कहाँ गये वो कॉलेज के मीत?

मेघा का घण्टो ट्यून बनाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना

 

फरैशर्ज़ की तैयारी में घण्टो खपाना

उस पर होस्टल की बिना घी की रोटियां खाना

हर्ष का hostel में कड़ी बनाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

याद है वो वाली पार्टी

जिसमे सूजे मुंह के साथ आया था शास्तरी

उस पर किसी का फटी पैन्ट छिपाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना

 

वो लड़कों का दूसरे डिपार्टमैन्ट वालियों को तकना

पर अपने वालियों को protect रखना

वो मेघा का बात-बात पर सर्किल बनाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

वो मनु का दूर से पहचान मे आ जाना

बात-बात पर सबको पागल बताना

वो सुरभि की अदाओं पर किसी का मर जाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

वो कुलदीप की एक किलो की जलेबी

सुरेश एक नम्बर का फरेबी

वो विपन का हर बात में अपनी फिलोस्फी घुसाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

वो सबकी फीस भरने जाता एडमिन

वो ललिता की स्कूटी

और किसकी थी साइकिल (याद नही)

रश्मि की poems भी भूल न जाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

वो लम्बी रूचिका दिख जाती थी class में भूली बिसरी

पूनम की बातें एकदम मिसरी

वो नवीन का सबको अच्छे से समझाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

वो हिमांगिनी एक छोटी सी तितली

नवदीप का ‘तुझसे नाराज़ नही ज़िन्दगी’

नवनीत , नवदीप में confuse हो जाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

याद है वो छत के ऊपर वाली पार्टी

कौन जाता था वहाँ

पर हमारी बात सबसे जुदा थी

हमसे तब चलता था ज़माना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

वो rose garden, वो student home

न lab की चिन्ता , न practical का खौफ

किसी के नये जूते लेने पर भी पावा पहुंच जाना

कहाँ गया वो खुशियों का खज़ाना?

 

वो छोटी सी ज्योती भी अब बड़ी हो गई

वो हंसी ठिठोली कहीं खो गई

क्या खूब था वो college का ज़माना

कहीं खो गया वो खुशियों का खज़ाना

– रश्मि जिंदल

© Rashmi Jindal, www.RashmiJindal.com, 2016

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FB: therashmijindal@gmail.com

 

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